किसान सफलता कार्ड

भारत में कृषि वित्त कृषि व्यापार की एक आवश्यकता है। कृषि वित्त न केवल खेती, उत्पादन और फसलों के व्यापार के लिए बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था को जीवित रखने के लिए भी आवश्यक है। अधिकांश भारतीय किसानों को खराब मौसम, खराब फसल, या किसी अप्रासंगिक दुर्घटना जैसी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण वे ऋण हेतु साहूकार के पास जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। 

पारंपरिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए अक्षम कृषि भूमि पर खेती करना और खराब मौसम के जोखिमों से अवगत ना होने के कारण देश के लगभग एक औसत भारतीय किसान निरंतर कर्ज के बोझ तले दबे रहते हैं। किसान फसल खराब होने या फसलों की कम कीमतों या साहूकारों के कदाचार के कारण कर्ज में डूब जाता है, जिससे उभरना उसके लिए और भी अधिक मुश्किल एवं जटिल हो जाता है। दरअसल, किसानों की देनदारियों का एक बड़ा हिस्सा ‘पैतृक कर्ज’ है और इस प्रकार वह अपनी जमीन-जायदाद के साथ-साथ अगली पीढ़ी को भी उनका कर्जदार बना देता है।

भारत में ग्रामीण ऋणग्रस्तता के चार मुख्य कारण:

(i) उधारकर्ता की कम कमाई की शक्ति

(ii) अनुत्पादक उद्देश्यों के लिए ऋण का उपयोग

(iii) साहूकार द्वारा लगाए गए उच्च ब्याज दर

(iv) उधारदाताओं द्वारा खातों में हेरफेर

वित्तीय सहायता समय की आवश्यकता है।

किसानों को अल्पावधि में औपचारिक वित्तीय सेवाएं प्रदान करने हेतु अगस्त 1998 में यह कृषि वित्त योजना शुरू की गई थी। यह योजना भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा पेश की गई थी और नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) द्वारा बनाई गई थी। इसमें दिए गए प्रावधान किसानों को वित्तीय सहायता देकर कृषि क्षेत्र की व्यापक पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए थे।

हमारे किसानों को कृषि वित्त आसानी से उपलब्ध हो जाए, इसी उद्देश्य के साथ एग्रीबाज़ार अपना किसान सफलता कार्ड खास किसानों के लिए लेकर आया है। यह कार्ड किसानों को उनकी जोत के आधार पर कृषि इनपुट खरीदने और उनके उत्पादन एवं व्यक्तिगत जरूरतों की पूर्ति हेतु नकद निकालने के लिए जारी किया जाएगा। किसान किसान सफलता कार्ड एक परेशानी मुक्त कार्ड है जो किसानों की सहायता करता है और फसल की कटाई से पहले और बाद की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

आवश्यकता पड़ने पर किसान इस कार्ड से अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। किसान सफलता कार्ड के कुछ प्रमुख लाभ है। इस कार्ड में आसान ऋण भुगतान विकल्प के साथ 12 महीने की ऋण चुकौती अवधि मिलती है। तथा कार्ड की राशि ₹10,000 से लेकर ₹50,000 तक है। यह कार्ड उपयोग के अनुसार आपको आकर्षक कैश-बैक प्रदान करता है, इतना ही नहीं बल्कि और भी अनेक फायदे देता हैं।

एग्रीबाज़ार के सह-संस्थापक और निदेशक अमित मुंडावाला ने कहा – “हमने महसूस किया कि किसानों के लिए एक कार्ड लॉन्च करने की आवश्यकता है क्योंकि वे आज की डिजिटल दुनिया में सुविधा प्रदान करने वाले महत्त्वपूर्ण घटक हैं। जब किसान नवीनतम कृषि तकनीकों को अपना सकते हैं, तो उन्हें डिजिटल दुनिया से दूर क्यों रखा जाए? लिहाजा किसान सफलता कार्ड खास भारतीय किसानों के लिए तैयार किया गया है।” 

More Articles for You

The Big Agritech Ideas That Will Shape 2026

As we approach 2026, agriculture stands at one of the most transformative inflection points in history. A convergence of technological …

2025 की टॉप 5 कृषि तकनीक, जिन्होंने बदली भारतीय खेती की तस्वीर

भारतीय कृषि आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कभी अनिश्चित मौसम, पारंपरिक खेती के तरीकों और …

AI vs Traditional Soil Testing: Which one gives more accurate results?

In agriculture, informed decisions begin beneath the surface. Understanding soil health is fundamental to crop productivity, fertiliser efficiency, and long-term …

WhatsApp Connect With Us