डिजिटल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से बढ़ेगा कृषि उत्पादन और आय

बदलते दौर के साथ परंपरागत कृषि तकनीकों और खेती को भी और स्मार्ट बनाना बहुत जरुरी है। हालांकि सरकारी स्तर पर कृषि सुधार, उत्पादन और आय में बढ़ोतरी के लिए लगातार कई कदम उठाए जा रहे है। लेकिन इसके साथ ही हमें कृषि क्षेत्र को और विकसित करने की और बड़े पैमाने पर उभरती नई-नई तकनीकों से जोड़ने की जरुरत है, ताकि कृषि उत्पादन और आय में वृद्धी हो सकें। डिजिटल इंटेलिजेंस के लिए सरकार के साथ-साथ किसानों का भी तकनीक के प्रति जागरूक होना, शिक्षित होना बेहद जरुरी है। 

किसान फसलचक्र एवं मृदा और फसल स्वास्थ्य निगरानी आधारित खेती कर सिंचाई जल का समुचित उपयोग एवं जल संरक्षण की वैज्ञानिक विधियां और खाद्य प्रसंस्करण की वैज्ञानिक विधियों द्वारा टिकाऊ खेती की तकनीकों को अपनाकर कृषि में परिवर्तन कर सकते हैं। इन सभी तकनीकियों से ही किसान समृद्ध होकर अपनी उपज तथा आय को सुदृढ़ कर सकता है। किसानों को अधिक सक्षम एवं सशक्त बनाने की इस मुहिम में एग्रीबाज़ार भी अपनी खास अलग-अलग सुविधाएं लेकर आया है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वो खास सुविधाएं।

  1. ‘एग्रीभूमि’ एक कृषि तकनीक समाधान है जो फसलों के स्वास्थ्य, संक्रमण की सीमा, संभावित उपज और मिट्टी की स्थिति को समझने के लिए रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और मशीन लर्निंग का उपयोग करता है। यह फसल की पहचान, फसल की स्थिति का आकलन, मिट्टी के गुण एवं स्वास्थ्य, रकबे और उपज का आकलन, मिट्टी की नमी का आकलन, नमी की कमी और जल प्रबंधन जैसे कृषि अभ्यासकों की जानकारी देता है।
  2. भौगोलिक सूचना तंत्र, सूचना प्रौद्योगिकी में आई क्रांति का एक महत्त्वपूर्ण तंत्र है। यह तंत्र, वायुवीय एवं अवायुवीय गणकों के समायोजन में सक्षम है, जिससे योजना तथा निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। 
  3. सटीक खेती में जीपीएस आधारित तकनीकों का उपयोग खेत नियोजन, फील्ड मैपिंग, मृदा नमूनाकरण, ट्रैक्टर मार्गदर्शन, फसल स्काउटिंग, चर अनुपात अनुप्रयोगों और उपज मानचित्रण के लिए किया जा सकता है।
  4. ‘एग्रीनो’ की मदद से विभिन्न जैव-भौतिकीय मापदंडों का उपयोग करते हुए हम किसी दिए गए क्षेत्र में बायोमास का अनुमान लगा सकते हैं। उपग्रह डेटा के आधार पर फसलों के वृद्धी की निगरानी करना आसान होता है। 
  5. खेतों और कृषि उपकरणों से एकत्र किए गए डेटा की मात्रा को मैन्युअल रूप से संभालना मुश्किल है। सेंसर कारखाने पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो उपभोक्ताओं (मुख्य रूप से किसानों) को एआई और मशीन लर्निंग डेटा विश्लेषण सहित संपूर्ण आईओटी का अनुभव प्रदान करता है।
  6. एग्रीबाज़ार की फसल डॉक्टर सुविधा 24×7 किसानों को संबंधित बीमारियों, उनकी रोकथाम एवं उपायों के साथ फसल के स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। 

उपज का आकलन करना और फसल क्षति का मूल्यांकन जैसे कार्यों को परंपरागत रूप से पूरा करने में 1-2 महीने या इससे भी अधिक समय लग जाता है, परंतु नई विकसित डिजिटल तकनीकों से, हमारे विशेषज्ञों के स्मार्ट और सटीक सलाह से वहीं कार्य आप कम संसाधनों और उच्च तकनीकों के साथ अल्पावधि में पूरा कर सकते हैं। किसानों को अधिक उत्पादक और लाभप्रद रुप से कार्य करने में,अपने आजीविका को सुरक्षित करने और जोखिम को यथा संभव कम करने में सक्षम बनाना ही एग्रीबाज़ार का एकमात्र उद्देश हैं।  

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