यूपी सरकार की जीआईएस कमांड सेंटर का नेतृत्व करेगा एग्रीबाज़ार

कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों को अधिक सशक्त-समृद्ध बनाने के लिए भारत सरकार निरंतर अहम कदम उठा रही है और एआई, ब्लॉकचेन, रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक, ड्रोन व रोबोट जैसी नई तकनीकों पर आधारित परियोजनाएं लेकर आ रही है। हाल ही में यूपी सरकार ने एक अत्याधुनिक एआई-संचालित जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित कमांड सेंटर का उद्घाटन किया, जिसका नेतृत्व एग्रीबाज़ार को सौंपा गया है। एग्रीबाज़ार, इस कमांड सेंटर में अगले 3 वर्षों के लिए नोडल एजेंसी के रुप में कार्यरत रहेगा और अपने प्रयासों में तीन निजी कंपनियों के साथ साझेदारी करेगा।

यह कमांड सेंटर, उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहायता परियोजना द्वारा फसल सर्वेक्षण परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से एग्रीबाज़ार यूपी किसानों और हितधारकों को मिट्टी के स्वास्थ्य, फसल की पैदावार और मौसम के पैटर्न के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश में डेटा-संचालित कृषि की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सभी जिलों के विशाल कृषि डेटा को शामिल किया जाएगा। केंद्र यूपी के सभी 75 जिलों के 827 ब्लॉकों में 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों से कृषि डेटा की कल्पना करेगा। एआई द्वारा संचालित किया गया यह व्यापक डेटा एक वैज्ञानिक भंडार के रूप में काम करेगा और किसानों को सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाएगा।

एग्रीबाज़ार की किन सुविधाओं से होंगे किसान लाभान्वितः-

1. एग्रीबाज़ार के नेतृत्व में शुरु की गई सरकार की यह महत्वपूर्ण परियोजना भारतीय कृषि-मूल्य श्रृंखला में सूचना अक्षमता को दूर कर किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभान्वित करेगी।
2. इस परियोजना द्वारा एग्रीबाज़ार स्थानिक डेटा के वास्तविक समय के आकड़ों और विश्लेषण को सक्षम बनाएगा और फसल क्षेत्र के अनुमान, फसल की स्थिति, फसल के नुकसान एवं क्षति आदि के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करेगा।

3. साथ ही संसाधन प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ाने, लक्षित हस्तक्षेप के लिए क्षेत्रों की पहचान करने, कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने और ऋण-बीमा जैसी कृषि सेवाओं में सुधार करने में मददगार साबित होगी।
4. खेत में किन संसाधनों का उपयोग कहां और किस मात्रा में करना है, इसकी सटीक योजना बनाने में एग्रीबाज़ार किसानों की मदद करेगा
5. एआई, जीपीएस और अन्य तकनीकों की मदद से कृषि संसाधन उपयोग दक्षता को बढ़ाएगा।
6. जीपीएस-सक्षम फ़ील्ड मैपिंग फसल की किस्मों, ऊंचाई स्तर, क्षेत्र की सीमाओं, सिंचाई प्रणालियों आदि का विश्लेषण करने में सहायता करेगा।

एग्रीबाज़ार की लीडरशीप में शुरु की गई यह परियोजना कृषि नवाचार में नि:संदेह महत्वपूर्ण बदलाव लगाएगी और राज्य भर के किसानों को सशक्त बनाएगी।

More Articles for You

बढ़ते तापमान से खेती को कैसे बचाएं? जानें फसल सुरक्षा के आसान उपाय

पिछले कुछ सालों में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। कभी अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ने लगती …

From Yield Prediction to Crop Health Monitoring: How agribazaar is Powering Data-Driven Farming

Indian agriculture was once driven by experience and intuition. But today, it is increasingly guided by data, analytics, and technology. …

फसल का पीलापन: नजरअंदाज न करें ये संकेत, समय रहते बचाएं फसल

खेती में हर छोटा बदलाव एक संकेत देता है, लेकिन अक्सर किसान उसे अनदेखा कर देते हैं। फसल के पत्तों …

WhatsApp Connect With Us