माइकोराइज़ल कवक: जानें खेती में क्या हैं इसके फायदे, महत्व और सही उपयोग

खेती में पौधे की जड़ें जितनी मजबूत और स्वस्थ होंगी, फसल के लिए पानी व पोषक तत्वों का इस्तेमाल उतना ही बेहतर होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पौधे की जड़ों के साथ मिट्टी के अंदर कुछ ऐसे सूक्ष्म जीव भी काम करते हैं, जो बिना दिखाई दिए उसकी पोषण क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं? माइकोराइज़ल कवक ऐसे ही लाभकारी सूक्ष्मजीव हैं, जो पौधों की जड़ों के साथ मिलकर एक तरह की प्राकृतिक साझेदारी बनाते हैं और मिट्टी से पोषक तत्व और पानी हासिल करने में पौधे की मदद करते हैं।

खास बात यह है कि माइकोराइज़ल कवक पौधे की जड़ों के साथ जुड़कर मिट्टी में बहुत बारीक तंतुओं यानी हाइफा (Hyphae) का जाल फैलाते हैं। इससे पौधे की जड़ों की पहुंच मिट्टी के ज्यादा हिस्से तक हो जाती है। इसका फायदा खास तौर पर फास्फोरस जैसे कम गतिशील पोषक तत्वों को हासिल करने में मिलता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि माइकोराइज़ल कवक कुछ परिस्थितियों में पौधों की पानी और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने तथा रोग और पर्यावरणीय तनाव के प्रति उनकी सहनशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

माइकोराइज़ल कवक (Mycorrhizal Fungi) क्या होते हैं?
‘माइकोराइज़ा’ शब्द का अर्थ ही लगभग ‘कवक-जड़’ है। यह कोई बीमारी फैलाने वाला सामान्य फंगस नहीं, बल्कि पौधे और कवक के बीच एक लाभकारी संबंध है। माइकोराइज़ा को आसान भाषा में समझें तो यह पौधे की जड़ों और एक खास तरह के फायदेमंद कवक की आपसी साझेदारी है। पौधा प्रकाश संश्लेषण से बना कार्बन कवक को देता है, जबकि कवक मिट्टी से फास्फोरस, पानी और कुछ अन्य पोषक तत्वों को पौधे तक पहुंचाने में मदद करता है। खेती में सबसे अधिक चर्चा आर्बुस्कुलर माइकोराइज़ल कवक (Arbuscular Mycorrhizal Fungi) की होती है, जो अनेक फसलों और पौधों की जड़ों के साथ यह संबंध बना सकते हैं।

खेती में माइकोराइज़ा के 4 प्रमुख फायदे

1. पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग
माइकोराइज़ा पौधे की जड़ों को मिट्टी से फास्फोरस और जिंक जैसे पोषक तत्व लेने में मदद करता है। इससे पौधे को जरूरी पोषण बेहतर तरीके से मिल सकता है।

2. कम पानी में पौधे को सहारा
माइकोराइज़ा की मदद से पौधे की जड़ों की मिट्टी तक पहुंच बढ़ती है। इससे कम नमी या पानी की कमी की स्थिति में पौधे को मिट्टी से पानी लेने में मदद मिल सकती है।

3. रोगों से लड़ने में मदद
माइकोराइज़ा जड़ों के आसपास एक मजबूत नेटवर्क बनाकर और पौधे का पोषण बेहतर करके कुछ जड़ संबंधी बीमारियों से लड़ने की क्षमता को मजबूत कर सकता है। हालांकि, यह किसी रोग की दवा नहीं है।

4. मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद
माइकोराइज़ा के बारीक रेशे मिट्टी के छोटे कणों को आपस में जोड़ने में मदद कर सकते हैं। इससे मिट्टी की बनावट, भुरभुरापन और पानी को संभालने की क्षमता बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

किन फसलों में उपयोगी हो सकता है?
माइकोराइज़ल कवक का संबंध कई स्थलीय पौधों के साथ पाया जाता है और अधिकांश कृषि फसलें इस साझेदारी से लाभ उठा सकती हैं। अनाज, मक्का, तिलहन, आलू और कई बागवानी फसलों में आर्बुस्कुलर माइकोराइज़ल कवक पर व्यापक शोध हुआ है। हालांकि सभी फसलें समान रूप से माइकोराइज़ल संबंध नहीं बनातीं। उदाहरण के लिए, ब्रैसिका परिवार की कुछ फसलें जैसे सरसों, पत्तागोभी, फूलगोभी और मूली सामान्यतः आर्बुस्कुलर माइकोराइज़ल कवक के साथ संबंध बनाने के लिए उपयुक्त नहीं मानी जातीं। 

किसान किन बातों का रखें ध्यान?
माइकोराइज़ा का फायदा लेने से पहले मिट्टी, फसल और उत्पाद की गुणवत्ता को ध्यान में रखना चाहिए। हर खेत में इसका परिणाम समान नहीं मिलता। खेत की मिट्टी की जांच, फसल की जरूरत, सिंचाई व्यवस्था और पहले से इस्तेमाल किए जा रहे उर्वरक व रसायनों की जानकारी के आधार पर निर्णय लेना बेहतर है। साथ ही किसी प्रमाणित और भरोसेमंद स्रोत से ही माइकोराइज़ल जैव-उर्वरक खरीदना चाहिए।

आज खेती में मिट्टी की सेहत, सही कृषि सलाह और बाजार तक बेहतर पहुंच तीनों एक साथ जरूरी हैं। एग्रीबाज़ार किसानों को कृषि इनपुट, फसल सलाह, बाजार और डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने का काम करता है। साथ ही फसल आकलन, AI/ML आधारित कृषि जानकारी और इनपुट से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराता हैं। वहीं इसकी सहयोगी कंपनियां स्टारएग्री वैज्ञानिक वेयरहाउसिंग, गुणवत्ता, डिजिटल एग्री-मार्केटप्लेस और वैल्यू-चेन सेवाओं के जरिए किसानों व कृषि कारोबार को सहयोग देती है, जबकि एग्रीवाइज कृषि और संबंधित कारोबारों के लिए विभिन्न वित्तीय समाधान उपलब्ध कराती है। 

FAQs:

1. माइकोराइज़ल कवक क्या है?
यह एक लाभकारी कवक है जो पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाकर पोषक तत्व और पानी लेने में मदद कर सकता है।

2. माइकोराइज़ा का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
यह खास तौर पर फास्फोरस जैसे कम गतिशील पोषक तत्वों के अवशोषण में पौधे की मदद कर सकता है।

3. क्या माइकोराइज़ा पौधों को रोगों से बचाता है?
यह कुछ परिस्थितियों में पौधे की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली और रोग सहनशीलता को मजबूत करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे सीधे फफूंदनाशक का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

4. क्या सभी फसलों में माइकोराइज़ा का इस्तेमाल किया जा सकता है?
इसका लाभ फसल और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए फसल के अनुसार सही उत्पाद और उपयोग विधि चुनना जरूरी है।

5. माइकोराइज़ल उत्पाद खरीदते समय क्या देखें?
उत्पाद की गुणवत्ता, लेबल पर दी गई जानकारी, उपयोग की मात्रा, फसल की उपयुक्तता और विश्वसनीय स्रोत से खरीद पर विशेष ध्यान दें।

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